20 से 22 सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन, नोबेल विजेता डॉ. कार्लोस अलोंसो नोब्रे करेंगे वर्चुअल संबोधन
पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर मंथन के लिए खेजड़ली एक बार फिर देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित करने जा रही है। खेजड़ली में 20 से 22 सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन-2026 का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में देश-विदेश के पर्यावरणविद्, जलवायु वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद् और नीति विशेषज्ञ पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा करेंगे।
गुरु जंभेश्वर पर्यावरण संरक्षण शोध पीठ के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण 2007 के नोबेल शांति पुरस्कार से जुड़े आईपीसीसी वैज्ञानिक दल के मुख्य लेखकों में शामिल जलवायु विशेषज्ञ डॉ. कार्लोस अलोंसो नोब्रे का वर्चुअल की-नोट संबोधन रहेगा। ब्राजील से ऑनलाइन जुड़कर वे जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संकट और टिकाऊ विकास की दिशा में वैश्विक प्रयासों पर अपने विचार साझा करेंगे।
अमेजन वर्षावनों के संरक्षण और जलवायु विज्ञान के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे डॉ. नोब्रे अपने चर्चित ‘अमेजोनिया 4.0’ मॉडल के बारे में भी जानकारी देंगे। इस मॉडल में आधुनिक तकनीक के साथ अमेजन के स्वदेशी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को जोड़ने की अवधारणा पर जोर दिया गया है।
खेजड़ली के बलिदान को वैश्विक मंच
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य खेजड़ली के 363 अमर शहीदों के पर्यावरण संरक्षण के लिए दिए गए बलिदान को वैश्विक स्तर पर सामने लाना भी है। आयोजन में इस ऐतिहासिक घटना के पर्यावरणीय संदेश और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा होगी।
तीन दिवसीय सम्मेलन में ग्लोबल वॉर्मिंग, मरुस्थलीकरण, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी विशेष चर्चा होगी।
खेजड़ली की धरती से उठने वाली यह आवाज केवल स्थानीय पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बदलती जलवायु और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच दुनिया के सामने टिकाऊ भविष्य को लेकर संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर बनेगी
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| खेजड़ली से उठेगी पर्यावरण संरक्षण की वैश्विक आवाज |
